श्री हनुमान जी के मंदिर की आड़ में नियमों की अनदेखी रेलवे स्टेशन परिसर में कचरे का ढेर, गौवंश मजबूर

हनुमान मंदिर की आड़ में नियमों की अनदेखी
रेलवे स्टेशन परिसर में कचरे का ढेर, गौवंश मजबूर
दमोह: रेलवे स्टेशन परिसर स्थित कुंडलपुर द्वार के नीचे बने श्री हनुमान मंदिर के आसपास फैली अव्यवस्थाओं को लेकर नागरिकों में नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का आरोप है कि मंदिर की आड़ लेकर एक दुकानदार द्वारा लगातार नियमों की अनदेखी की जा रही है और आपदा की स्थिति को अवसर में बदला जा रहा है।शनिवार-रविवार की मध्य रात्रि में स्टेशन क्षेत्र में दुकानें रातभर संचालित होती पाई गईं, जबकि संबंधित श्री हनुमान मंदिर रेलवे विभाग की सीमा में आता है। नियमों के अनुसार इस क्षेत्र में इस प्रकार की गतिविधियों पर नियंत्रण आवश्यक है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की उदासीनता के चलते स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।
मंदिर से कुछ कदम दूर कचरे का ढेर
नागरिकों का कहना है कि मंदिर से मात्र दो कदम की दूरी पर पॉलिथीन और अन्य अपशिष्ट से भरा कचरे का ढेर लगाया गया था। इसी कचरे को गौवंश खाते नजर आए, जो न केवल अमानवीय है बल्कि धार्मिक भावनाओं को भी आहत करने वाला है।
दुकानदार का तर्क, सवाल बरकरार
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार संबंधित दुकानदार, जिसे सोनू के नाम से जाना जाता है, का कहना था कि यह कचरा 20 रुपये में खरीदा गया है और ठंड के मौसम में यात्रियों की सुविधा के लिए रखा गया है। हालांकि, जागरूक युवा के द्वाराइसमे आग लगा दी गई उसका कहना है। कि यदि उद्देश्य वास्तव में सेवा का है, तो मंदिर के समीप कचरे का ढेर क्यों लगाया गया? उसकी नियमित सफाई, निगरानी या उचित निस्तारण की व्यवस्था क्यों नहीं की गई?
संरक्षण के बजाय अव्यवस्था
लोगों का कहना है कि जिस मंदिर की आड़ लेकर दुकान संचालित की जा रही है, उसी मंदिर के संरक्षण और आसपास की स्वच्छता को लेकर कोई जिम्मेदारी नहीं निभाई जा रही। उल्टा, कचरा डालकर आपदा के समय अवसर बनाया जा रहा है, जिसका खामियाजा मूक जीवों को भुगतना पड़ रहा है।
प्रशासन के सामने बड़ा सवाल
अब सवाल यह है कि प्रशासन श्री हनुमान मंदिर और रेलवे स्टेशन परिसर की व्यवस्था को संरक्षित करेगा या फिर नियमों की अनदेखी कर ऐसे ही कचरे के ढेर लागते रहेंगे। नागरिकों ने रेलवे प्रशासन और नगर पालिका से मामले में तत्काल संज्ञान लेकर कार्रवाई की मांग की है।




