
आईपीएल सट्टे पर कार्रवाई या दिखावा?
दमोह। जिले में आईपीएल सट्टे के खिलाफ पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाइयों पर अब सवाल उठने लगे हैं। हाल ही में कोतवाली पुलिस द्वारा पीडब्ल्यूडी कॉलोनी से एक आरोपी को पकड़कर बड़ी सफलता बताई गई, रेड कार्रवाई के दौरान आरोपी दीपक अहिरवार पिता हरिराम अहिरवार, निवासी पीडब्ल्यूडी कॉलोनी, दमोह) को आईपीएल मैच पर ऑनलाइन सट्टा खिलाते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक वीवो कंपनी का मोबाइल, सट्टा पर्ची, रेड पेन एवं 500 रुपये नगद जब्त किए। जब्त मोबाइल की जांच में क्रोम ऐप पर IPL CRICKET ID KHELO 7.COM वेबसाइट पर सट्टा आईडी सक्रिय पाई गई, जिसमें 1500 कॉइन और 2235 रुपये का बैलेंस मौजूद था। कुल जब्त मशरूका की कीमत 14,235 रुपये आंकी गई है।
आरोपी के खिलाफ थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 336/26 के तहत सट्टा एक्ट में प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। पूछताछ में आरोपी ने सट्टा आईडी उपलब्ध कराने वाले अन्य व्यक्तियों के नाम भी बताए हैं, जिनकी पुलिस द्वारा तलाश की जा रही है। लेकिन स्थानीय लोगों और जानकारों का कहना है कि यह कार्रवाई सिर्फ छोटे स्तर तक सीमित है, जबकि असली नेटवर्क अब भी बेखौफ सक्रिय है। सूत्रों के मुताबिक, ऑनलाइन सट्टे का कारोबार शहर में बड़े स्तर पर संचालित हो रहा है, जिसमें कई लोग लंबे समय से जुड़े हुए हैं। लेकिन पुलिस की कार्रवाई केवल छोटे खिलाड़ियों तक सिमट कर रह जाती है। ऐसे में यह सवाल खड़ा होता है कि क्या पुलिस बड़े सट्टा गिरोह तक पहुंचने में असफल है या फिर जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शहर के कई इलाकों में खुलेआम आईपीएल सट्टा चल रहा है, जिसकी जानकारी पुलिस को भी होती है, बावजूद इसके ठोस और बड़ी कार्रवाई देखने को नहीं मिलती। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर संदेह गहराता जा रहा है। लोगो का कहना है ऑनलाइन सट्टा अब संगठित नेटवर्क का रूप ले चुका है, जिसमें आईडी उपलब्ध कराने वाले, पैसों का लेन-देन कराने वाले और तकनीकी सहयोग देने वाले अलग-अलग लोग शामिल होते हैं। ऐसे में सिर्फ एक व्यक्ति को पकड़ना पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए पर्याप्त नहीं है। अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में केवल छोटी कार्रवाई तक सीमित रहती है या फिर पूरे सट्टा रैकेट की जड़ तक पहुंचकर ठोस कदम उठाती है। जिले की जनता को बड़ी और निष्पक्ष कार्रवाई का इंतजार है।




