
कलेक्टर की सतत निगरानी में संचालित आश्रय स्थल बने सर्दी में जरूरतमंदों का संबल
बस स्टैंड व जिला अस्पताल स्थित आश्रय स्थलों में रोज उमड़ रही जरूरतमंदों की भीड़
महिला, पुरुष, बच्चे व बुजुर्गों के लिए राहत का केंद्र बने आश्रय स्थल
दमोह: कड़ाके की ठंड के बीच दमोह जिले में प्रशासन की संवेदनशील पहल जरूरतमंदों के लिए वरदान साबित हो रही है। कलेक्टर के निर्देश एवं प्रत्यक्ष निगरानी में शहर के प्रमुख स्थानों बस स्टैंड एवं जिला अस्पताल परिसर में संचालित आश्रय स्थल लगातार असहाय, बेसहारा और जरूरतमंद लोगों को राहत प्रदान कर रहे हैं। कलेक्टर की सख्त कार्यवाही एवं सतत मॉनिटरिंग के बाद इन आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। ठंड से बचाव के लिए गर्म और सुरक्षित स्थान मिलने से प्रतिदिन बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, बच्चे एवं बुजुर्ग यहां आश्रय ले रहे हैं। यह स्थल अब केवल रैन बसेरा नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के लिए सुरक्षा, सम्मान और संवेदना का केंद्र बन चुके हैं।
हर मूलभूत सुविधा से लैस आश्रय स्थल
आश्रय स्थलों में स्वच्छता, पीने के साफ पानी, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा एवं नियमित निगरानी जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। नगर पालिका के कर्मचारी लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं और सफाई, व्यवस्थाओं तथा लोगों की जरूरतों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
नगर पालिका की सक्रियता आई सामने
नगर पालिका के कार्यकर्ताओं द्वारा समय-समय पर निरीक्षण, सफाई अभियान और व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने की पहल की जा रही है। ठंड के मौसम में किसी भी व्यक्ति को खुले में रात न गुजारनी पड़े, इसके लिए प्रशासन पूरी मुस्तैदी से कार्य कर रहा है। सामाजिक संगठनों द्वारा कलेक्टर की इस पहल की सराहना की जा रही है। लोगों का कहना है कि प्रशासन की सक्रियता के चलते सर्दी के मौसम में गरीब और बेसहारा लोगों को बड़ी राहत मिली है। कुल मिलाकर, दमोह में संचालित ये आश्रय स्थल प्रशासन की संवेदनशील सोच और सुशासन का उदाहरण बनते नजर आ रहे हैं, जो सर्द मौसम में जरूरतमंदों के लिए सच्चे अर्थों में सहारा साबित हो रहे हैं।




