
वर्दी के भीतर धड़कता ममता का दिल: जब दतिया पुलिस बनी ‘वर्दी वाली मां’
अक्सर पुलिस की वर्दी को सख़्ती, अनुशासन और कानून के प्रतीक के रूप में देखा जाता है, लेकिन दतिया में सामने आया यह दृश्य साबित करता है कि इस वर्दी के पीछे भी एक बेहद संवेदनशील और करुणामयी इंसान होता है। मध्य प्रदेश के दतिया जिले के फुलरा गांव में उस वक्त दिल छू लेने वाला नज़ारा देखने को मिला, जब अवैध शराब की सूचना पर चिरुला थाना पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम कंजर डेरों पर पहुंची। पुलिस को देखकर डेरों में मौजूद महिला-पुरुष डर के मारे भाग निकले। शराब तो नहीं मिली, लेकिन वहां एक ऐसा मासूम मिला, जिसे उसकी मां भय के कारण अकेला छोड़कर भाग गई थी।
डेरा में रोता-बिलखता मासूम देखकर माहौल अचानक बदल गया। कानून का पालन कराने आई पुलिस टीम का दिल पिघल गया। इसी दौरान टीम में शामिल महिला पुलिस अधिकारी SDOP आकांक्षा जैन के भीतर की ममता जाग उठी। उन्होंने बिना किसी औपचारिकता के मासूम को गोद में उठाया, प्यार से सहलाया, बोतल से दूध पिलाया और ठंड से बचाने के लिए उसे गर्म कपड़े पहनाए। वर्दी में एक अधिकारी को मां की तरह बच्चे की देखभाल करते देख वहां मौजूद पुलिस स्टाफ और ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं। यह दृश्य सिर्फ एक कार्रवाई नहीं, बल्कि इंसानियत का जीवंत उदाहरण बन गया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो 25 जनवरी का है। लोग SDOP आकांक्षा जैन को प्यार से ‘वर्दी वाली मां’ कहकर उनकी सराहना कर रहे हैं और कह रहे हैं
