जिस स्थान पर ड्यूटी नहीं थी, वहां की लापरवाही के लिए उनि बृजलाल पटेल को निलंबित करने पर सवाल

जिस स्थान पर ड्यूटी नहीं थी, वहां की लापरवाही के लिए उनि बृजलाल पटेल को निलंबित करने पर सवाल
दमोह। बजरिया वार्ड स्थित पुलिस सहायता केंद्र से जुड़ी कथित लापरवाही के मामले में पुलिस विभाग द्वारा की गई कार्रवाई अब सवालों के घेरे में आ गई है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से 3 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश में उप निरीक्षक बृजलाल पटेल और कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षक राकेश पाठक को अपेक्षित सतर्कता एवं प्रभावी पुलिसिंग में लापरवाही के आरोप में निलंबित कर रक्षित केंद्र से संबद्ध किया गया है। हालांकि, आदेश सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल उप निरीक्षक बृजलाल पटेल को लेकर उठ रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उनकी उस स्थान पर ड्यूटी अथवा तैनाती ही नहीं थी, ऐसे में जिस पुलिस सहायता केंद्र की कार्यप्रणाली में लापरवाही का उल्लेख आदेश में किया गया है, उससे उनकी प्रत्यक्ष जिम्मेदारी किस आधार पर तय की गई, यह स्पष्ट नहीं है। पुलिस विभाग की कार्रवाई को लेकर अब यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या संबंधित पुलिसकर्मियों की ड्यूटी चार्ट, तैनाती आदेश और प्रतिदिन की रोजनामचा रिपोर्ट की जांच की गई थी? यदि रोजनामचा और ड्यूटी संबंधी रिकॉर्ड विभाग के पास मौजूद थे, तो कार्रवाई से पहले यह स्पष्ट किया जाना चाहिए था कि घटना के समय संबंधित अधिकारी की वास्तविक ड्यूटी कहां थी।

गौ हत्या के मामले के बाद पुलिस विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई करना प्रशासनिक स्तर पर गंभीरता को दर्शाता है, लेकिन कार्रवाई की निष्पक्षता और जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया पर सवाल उठना भी स्वाभाविक है। कहीं ऐसा तो नहीं कि वास्तविक जिम्मेदारी तय करने के बजाय कार्रवाई की जद में ऐसे कर्मचारी भी आ गए, जिनकी मौके पर मौजूदगी ही नहीं थी।
गेहूं के साथ घुन पिसने’ जैसी स्थिति तो नहीं?
पुलिस विभाग की कि निलंबन आदेश की समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों की वास्तविक ड्यूटी और जिम्मेदारी का रिकॉर्ड सामने रखा जाए। यदि बृजलाल पटेल की उस स्थान पर तैनाती नहीं थी, तो उनके विरुद्ध की गई कार्रवाई के आधार की भी विभागीय स्तर पर समीक्षा होना जरूरी है। वहीं, पूरे मामले में यह भी महत्वपूर्ण है कि पुलिस विभाग रोजनामचा, ड्यूटी चार्ट और संबंधित पुलिस सहायता केंद्र की जिम्मेदारी से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर यह स्पष्ट करे कि घटना के समय कौन अधिकारी किस स्थान पर तैनात था और लापरवाही की वास्तविक जिम्मेदारी किसकी बनती है।

सूत्रों के मुताबिक उप. बृजलाल पटेल वीते दो माह पहले कोतवाली पहुँचे है। वीते एक माह पहले उन्हें वहां का चार्ज दिया गया लेकिन कार्य अन्य सौपा गया पुनः विचार आवश्यक है।



