दमोह में संजीवनी अस्पताल के 2 फर्जी डॉक्टर गिरफ्तार, फर्जी MBBS डिग्री से कर रहे थे इलाज

दमोह में संजीवनी अस्पताल के 2 फर्जी डॉक्टर गिरफ्तार, फर्जी MBBS डिग्री से कर रहे थे इलाज
दमोह। जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े एक गंभीर मामले का खुलासा हुआ है। कोतवाली पुलिस ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित संजीवनी अस्पताल में कार्यरत दो कथित फर्जी डॉक्टरों का पर्दाफाश करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर फर्जी एमबीबीएस डिग्री, मेडिकल काउंसिल पंजीयन और अन्य दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल कर आम लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार सीएमएचओ कार्यालय से प्राप्त जांच प्रतिवेदन में सामने आया कि कुमार सचिन यादव निवासी ग्वालियर और राजपाल गौर निवासी सीहोर ने स्वयं को योग्य चिकित्सक दर्शाने के लिए फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत किए थे। इन दस्तावेजों के आधार पर दोनों करीब एक वर्ष से संजीवनी अस्पताल में पदस्थ थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी के निर्देशन में कोतवाली थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार किया। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। पूछताछ के दौरान एक अन्य कथित फर्जी डॉक्टर अजय मौर्य की भूमिका सामने आई, जिसके बाद पुलिस टीम ने उसे जबलपुर से अभिरक्षा में लिया है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि फर्जी MBBS डिग्री, डॉक्टर रजिस्ट्रेशन और अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराकर नियुक्तियां कराने वाले नेटवर्क के संकेत मिले हैं। पुलिस के अनुसार पूछताछ में ऐसे कई लोगों के नाम सामने आए हैं, जो पैसों के बदले फर्जी डॉक्टर तैयार करने और अस्पतालों में नियुक्ति कराने में भूमिका निभा सकते हैं। मामले की जांच के लिए टीमों का गठन किया गया है और संभावित आरोपियों की तलाश जारी है।




