रात के अंधेरे में ओएफसी केबल के लिए खुदाई, नगर पालिका की शर्तें कागजों तक सीमित

रात के अंधेरे में ओएफसी केबल के लिए खुदाई, नगर पालिका की शर्तें कागजों तक सीमित
यातायात पुलिस को सूचना देने सहित कई शर्तों के पालन पर भी सवाल
दमोह। शहर में ओएफसी केबल बिछाने या अन्य कार्य के लिए निजी कंपनियों द्वारा की जा रही रोड कटिंग और खुदाई के दौरान नगर पालिका की ओर से तय नियमों के पालन पर सवाल उठ रहे हैं। नगर पालिका परिषद ने 3 जुलाई 2025 को भारती एयरटेल लिमिटेड को शहर के अलग-अलग मार्गों पर ओएफसी केबल कार्य की अनुमति देते हुए सुरक्षा, यातायात और सड़क के रेस्टोरेशन से जुड़ी कई शर्तें तय की थीं। इसके बावजूद रात के समय किए जा रहे काम में इन शर्तों का पालन होता नजर नहीं आ रहा है। <span;>नगर पालिका के अनुमति पत्र के अनुसार कार्य के दौरान दोनों ओर साइन बोर्ड, बेरिकेड्स और लाल फीता लगाना अनिवार्य है। साथ ही यातायात में बाधा नहीं आनी चाहिए और रोड कटिंग की सूचना यातायात पुलिस को लिखित रूप से देना भी जरूरी है। खुदाई टुकड़ों में करने और रेस्टोरेशन पूरा करने के बाद ही आगे की खुदाई करने के निर्देश हैं।
बस स्टैंड के सामने गड्ढा, दुकानदारों को परेशानी
इसी तरह बस स्टैंड क्षेत्र में घी वाला की दुकान के सामने कंपनी द्वारा खुदाई किए जाने को लेकर दुकानदारों ने परेशानी बताई। दुकान संचालक का कहना है कि केबल का काम होना अपनी जगह है, लेकिन काम पूरा करने के बाद सड़क को इस तरह व्यवस्थित किया जाए कि भारी वाहन वहां फंसने की स्थिति में न आएं। उनके अनुसार ओवरलोड वाहनों के आवागमन के कारण पहले से ही परेशानी रहती है और सड़क पर खुदाई के बाद समस्या और बढ़ जाती है।


रात में काम, सुरक्षा इंतजाम पर सवाल
स्थानीय लोगों के मुताबिक रात के समय कई स्थानों पर अंधेरे में ओएफसी केबल का काम किया जा रहा है। ऐसे में खुदाई वाले स्थानों पर पर्याप्त बेरिकेड्स, चेतावनी बोर्ड और प्रकाश व्यवस्था नहीं होने से वाहन चालकों और राहगीरों के लिए खतरा बना रहता है। सवाल यह है कि नगर पालिका द्वारा अनुमति में स्पष्ट शर्तें तय किए जाने के बावजूद मौके पर उनकी निगरानी और पालन कौन करा रहा है।
<span;>नगर पालिका और यातायात विभाग की निगरानी पर सवाल
<span;>अनुमति में यह भी स्पष्ट है कि कार्य शुरू करने से पहले नगर पालिका के पीडब्ल्यूडी एवं जलप्रदाय उपयंत्रियों को जानकारी देकर काम शुरू किया जाना है। पाइपलाइन को नुकसान नहीं पहुंचाने और क्षति होने पर 24 घंटे में सुधार कराने की जिम्मेदारी भी संबंधित कंपनी की है। नियमों के उल्लंघन पर अनुमति निरस्त करने और वैधानिक कार्रवाई का प्रावधान है। इसके बावजूद यदि बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम के रात में खुदाई हो रही है तो नगर पालिका और यातायात विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
जिम्मेदार अधिकारियों को मौके पर जांच कर यह देखना चाहिए कि अनुमति की शर्तों के मुताबिक काम हो रहा है या नहीं और नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
इनका कहना है।
इस अनुमति में कॉपी यातायात को देनी चाहिए
कॉपी ना देने से पता ही नहीं हमे की कोई ऐसा किसी को अनुमति मिली है और हमको भी सुपरविजन करना है।
दलबीर सिंह मार्को यातायात थाना प्रभारी



